India Gate से वॉर मेमोरियल शिफ्ट होगी ‘अमर जवान ज्योति’

दिल्ली के इंडिया गेट (India gate) पर हमेशा शहीदों के सम्मान में जलने वाली ‘अमर जवान ज्योति’ को आज नए बने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में रखा जाएगा. रक्षा मंत्रालय की ओर से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी गई थी कि अमर जवान ज्योति को वॉर मेमोरियल में शिफ्ट किया जाएगा. 50 साल बाद ऐसा हो रहा है, जब अमर जवान ज्योति इंडिया गेट से अलग की जाएगी. बता दें कि अमर जवान ज्योति की स्थापना उन भारतीय जवानों की याद में की गई थी, जोकि 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे.

इस युद्ध में भारत को सफलता मिली थी तथा बांग्लादेश का गठन हुआ था. तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972 को इसका उद्घाटन किया था. गुरुवार को सेना के अफसरों ने यह खबर दी. सेना के अफसरों ने बताया कि अमर जवान ज्योति का आज दोपहर को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय किया जाएगा, जोकि इंडिया गेट के दूसरी ओर सिर्फ 400 मीटर की दूरी पर मौजूद है.

Republic Day परेड के दौरान 24 हजार लोगों को उपस्थित रहने की होगी अनुमति

इसके साथ ही अफसर ने कहा है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस कार्यक्रम 24 जनवरी के बदले 23 जनवरी से ही आरम्भ होगा तथा 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर समाप्त होगा. 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. उन्होंने कहा, ‘सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाई जाएगी. 23 जनवरी को इंडिया गेट पर पीएम नरेंद्र मोदी आपदा प्रबंधन के इलाके में शानदार काम करने वालों को सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार से सम्मानित करेंगे.’

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कुछ लोग देशप्रम और बलिदान को नहीं समझ सकते. राहुल गांधी ने कहा, ‘बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा. कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते- कोई बात नहीं… हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे.

1914-1921 के बीच अपनी प्राण गंवाने वाले ब्रिटिश भारतीय सेना के जवानों की याद में बनाया गया

इंडिया गेट स्मारक ब्रिटिश सरकार द्वारा 1914-1921 के बीच अपनी प्राण गंवाने वाले ब्रिटिश भारतीय सेना के जवानों की याद में बनाया गया था. वहीं, अमर जवान ज्योति को 1970 के दशक में पाकिस्तान पर भारत की भारी जीत के पश्चात् स्मारक संरचना में सम्मिलित किया गया था, जिसमें शत्रु भारत के 93,000 जवानों ने आत्मसमर्पण कर दिया था. लम्बी प्रतीक्षा के पश्चात् नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इंडिया गेट परिसर में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक बनाया गया था तथा 2019 में इसका उद्घाटन किया गया था, जहां 25,942 जवानों के नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखे गए हैं. युद्ध स्मारक में भवन निर्माण के पश्चात् सभी सैन्य औपचारिक समारोहों को इसमें स्थानांतरित कर दिया गया था.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: