शहीद पुलिसकर्मी के लिए डॉक्टर की मार्मिक अपील, देखें वीडियो

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण से डॉक्टर हो या पुलिसकर्मी सभी संक्रमित हो रहे हैं. इस संक्रमण के कारण कई मौतें भी हुई हैं. मगर कोरोना से दिल्ली पुलिस में सबसे पहले मौत हुई थी कॉन्सटेबल अमित राणा की. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले अमित राणा के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया था. मगर अब एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी परिवार को मुआवजा नहीं मिला है.

डॉक्टरों के आगे झुकी दिल्ली सरकार, दोबारा की बहाली

इस मामले पर अब दिल्ली के डॉक्टर्स ने अमित के लिए आवाज उठाई है. गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण से लड़ने में डॉक्टर्स और पुलिस कर्मी सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स के तौर पर काम कर रहे हैं. पुलिस कर्मियों के सहयोग से ही आज लोग घरों में रह रहे हैं.

वहीं अमित राणा के लिए अब एम्स के डॉक्टर विजय गुर्जर ने आवाज उठाई है. बीते काफी समय से वो अमित राणा के परिवार को मुआवजा राशि दिलवाए जाने की मांग कर रहे हैं. इस संबंध में उन्होंने ट्वीटर पर अब एक वीडियो शेयर किया है. इसमें वो कहते हैं पिछले साल मई 2020 में शहिद अमित रााणा दिल्ली पुलिस के कॉन्सटेबल जो कोरोना योद्धा थे. उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला था. उनको अस्पताल ले जाते हुए उनकी मौत हो गई थी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनके परिवार को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. मगर साल भर से अधिक समय बीतने के बाद भी पीड़ित परिवार मुआवजा राशि के लिए इंतजार कर रहा है.

डॉक्टरों की मांग पर ध्यान दे सरकार, देखें वीडियो

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने एक लिस्ट जारी की है 15 लोगों की उसमें उनका नाम नहीं है. एक परिवार जिसने एक जवान बेटा, पति खोया है उन पर क्या बीतती होगी. राणा का एक चार साल का बटा और चार महीने की बेटी है. दरअसल जब उनका देहांत हुआ तो पत्नी गर्भवती थी. ऐसे हालातों में उस परिवार पर क्या बीत रही होगी. इसलिए ये बहुत जरूरी है कि सरकार को उनका वायदा याद दिलाया जाए. इंसानियत के तौर पर भी परिवार के साथ खड़े होने का समय है.

अमित राणा की पत्नी लिख चुकी है पत्र

इस पत्र में अमित राणा की पत्नी पूजा ने लिखा था कि जब मेरे ऊपर दुखों का पहाड़ टुट पड़ा था तब आपने मेरे पति की सेवाओं को याद करते हुए एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी. जिंदगी में हुए अंधेरे में वो आशा की एक किरण थी मगर एक साल बीतने के बाद भी वो राशि अबतक नहीं मिल पाई है.

पिछले साल हुई थी अमित राणा की मौत

बता दें की कॉन्स्टेबल अमित राणा की मौत पिछले साल 7 मई को हई थी. वो कोरोना संक्रमण से पीड़ित थे. उन्हें तेज बुखार और तबियत बिगड़ने के बाद दीपचंद बंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया. यहां उन्होंने दम तोड़ दिया था. कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले वो दिल्ली पुलिस के पहले जवान थे.

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