जानें, मूली के इन 5 फ़ायदों के बारे में

मूली में सेहत संवारने के कई गुण होते है. यह दिल की सुरक्षा करने के साथ पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में बहुत कारगर है. फ़ाइबर, विटामिन-सी, आयरन, फॉस्फ़ोरस, सोडियम, मैग्निशियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर मूली रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी प्रभावी है.

वैसे तो मूली के कई प्रकार हैं, जिनमें से कुछ को वसंत और गर्मियों में उगाया जाता है, तो कुछ को सर्दियों में उगाया जाता है. भारत में सफ़ेद मूली की खेती बड़े स्तर पर होती है, जिसे डाइकॉन कहते हैं. असल में यह वसंत और गर्मियों की फ़सल है, लेकिन सर्दियों से ही इसकी आवक बढ़ जाती है, जिससे साग, सब्ज़ी, सलाद, पराठे, अचार और कई व्यंजन तैयार किए जाते हैं. इसके अलावा देश में गुलाबी और काली मूली की भी खेती होती है, लेकिन बहुत कम स्तर पर.

आप भले ही मूली पसंद ना करें, लेकिन उसके इन फ़ायदों को आप नकार नहीं सकते हैं. उदाहरण के तौर आपको बता दें कि मूली हमारे लिवर और गट की सफ़ाई करने में मदद करती है. काली मूली के पत्तियों का प्रयोग लंबे समय तक पीलिया के इलाज के लिए किया जाता रहा है, ताकि अतिरिक्तत बिलीरुबिन से छुटकरा पाया जा सके. अपने इसी विशेष गुण के कारण यह हमारे ख़ून का शुद्धिकरण में भी सहायक है.

इसके अलावा भी मूली के कई फ़ायदे हैं, आज हम पांच फ़ायदों के बारे में जानेगें-

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है

मूली के सेवन से आपको भरपूर मात्रा में पोटैशियम मिलता है, जो आपके ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है. इससे आपका ब्लड फ़्लो भी कंट्रोल में रहता है. अगर आप हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, तो आपको अपनी डायट में मूली ज़रूर शामिल करना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार मूली रक्त को शीतलता प्रदान करती है.

हाई फ़ाइबर भरपूर

यदि आप रोज़ाना अपनी डायट में मूली लेते हैं, तो इससे आपके सिस्टम को भरपूर फ़ाइबर मिलता है. आपके पाचन में सुधार होता है. यह पित्त बनने की प्रक्रिया को भी कम करती है और आपके लिवर और गाल ब्लैडर की सुरक्षा भी करती है. यह वॉटर रिटेंशन की देखभाल करने के लिए बहुत अच्छा विकल्प है.

दिल की सेहत का ख़्याल

मूली एंथोसायनिन का एक बहुत ही अच्छा स्रोत है, जो हमारे दिल की सेहत की ख़्याल रखती है, जिससे दिल के बीमारियों का ख़तरा कम रहता है. इसके अलावा मूली में फॉलिक एसिड, फ्लोवेनाइड्स भी पाया जाता है.

आरबीसी के लिए फ़ायदेमंद

मूली हमारे लाल रक्त को कोशिकाओं को नुक़सान पहुंचने से बचाती है. इस प्रॉसेस में ब्लड में ऑक्सिजन सप्लाई भी बढ़ जाता है.

सर्दी-ख़ासी का इलाज

अगर आपको सर्दियों में बहुत अधिक ज़ुकाम हो रहा है, तो आपको अपनी डायट में मूली शामिल करना चाहिए. मूली का ऐंटी-कॉजेस्टिव गुण कफ़ को ख़त्म करके आपको इससे राहत दिलाता है.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: