फ़र्स्ट टाइम सेक्स के पहले की नर्वसनेस से निपटने के 4 तरीक़े

आप कोई भी काम पहली बार करने जा रहे हों, नर्वसनेस तो होती ही है. कॉलेज का पहला दिन, पहला इंटरव्यू, जॉब का पहला दिन, पहली डेट…यह लिस्ट बहुत लंबी हो सकती है. पर जब बात पहली बार के सेक्स की हो तो यह नर्वसनेस थोड़ी और बढ़ जाती है, क्योंकि आपने इस बारे में बहुत कुछ सुन रखा होता है. अगर आप लड़की हैं तो फ़र्स्ट टाइम सेक्स से जुड़े असहनीय दर्द के बारे में काफ़ी कुछ सुन चुकी होती हैं, इसलिए नर्वस होने के साथ-साथ थोड़ी डरी भी होती हैं. वहीं अगर आप पुरुष हैं तो परफ़ॉर्मेंस से रिलेटेड नर्वसनेस आपको जकड़े रहता है. कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि महिला-पुरुष दोनों ही समान रूप से पहले सेक्स के अनुभव को लेकर नर्वस होते हैं. इस नर्वसनेस के बावजूद आप सेक्स करना चाहते हैं, क्योंकि इसके बारे में आपने कई अच्छी बातें सुन रखी होती हैं. तो आइए जानें, कैसे आप फ़र्स्ट टाइम सेक्स के नर्वसनेस से बचकर इसका भरपूर लुत्फ़ उठा सकते हैं. 

सबसे पहले पार्टनर से बातचीत करें.
नर्वसनेस से बचने के लिए आपको पार्टनर से बातचीत करनी चाहिए, उसे अपनी मनोस्थिति के बारे में बताना चाहिए. उसे बताएं कि आपको इस बारे में सोचकर कैसा फ़ील हो रहा है, आपको किन बातों की चिंता हो रही है, किस बारे में सोचकर डर लग रहा है. सेक्स से आपकी एक्सपेक्टेशन्स यानी उम्मीदें क्या हैं, यह भी पार्टनर को बताएं. पार्टनर से उसकी राय जानें. अगर यह उसका भी पहला अनुभव हो तो उसकी चिंताओं और डर को जानें. आप दोनों पहले ही यह बता दें कि किस चीज़ को लेकर आप कम्फ़र्टेबल हैं, किस चीज़ को लेकर नहीं. ऐसा करने से सेक्स के दौरान कोई ऑड स्थिति नहीं उत्पन्न होगी. 

शांत रहने की कोशिश करें
बेशक आप पहली बार करने जा रहे हैं तो नर्वस होंगे, पर नर्वसनेस को दिमाग़ पर हावी न होने दें. ख़ुद को जितना हो सके शांत रखने की कोशिश करें. ऐसा तब होगा, जब आप ज़रूरत से ज़्यादा सोचना बंद कर देंगे. वरना जितना इस बारे में सोचेंगे, दिमाग़ पर एक तरह का प्रेशर बनना शुरू हो जाएगा. उस प्रेशर में आपका परफ़ॉर्मेंस प्रभावित होगा. इस बात की भी काफ़ी संभावना है कि अच्छा न कर पाने के चलते आगे चलकर यह नर्वसनेस और बढ़ जाए. तो बहुत ज़्यादा सोचने के बजाय शांत रहने की कोशिश करें और बिना एक्सपेक्टेशन्स के इस पूरी प्रक्रिया का आनंद लें. 

अपने शरीर को लेकर सहज रहें 
ज़्यादातर लोग पहली बार सेक्स के समय अपने शरीर को लेकर बेहद असहज महसूस करते हैं. अगर आपके मन में भी कुछ इसी तरह के ख़्याल चल रहे हैं तो आपका सेल्फ़ कॉन्फ़िडेंस कम हो जाएगा, जिसका असर आपकी सेक्स लाइफ़ और आपके रिश्ते पर पड़ेगा. बेहतर यह होगा कि बहुत ज़्यादा बॉडी कॉन्शस होने से बचें. आपका शरीर जैसा भी है, उसे स्वीकारें और उससे प्यार करें. कॉन्फ़िडेंस से ज़्यादा सेक्सी दुनिया में कुछ और नहीं है. इस बात को जितनी अच्छी तरह समझ लेंगे, आपकी नर्वसनेस उतनी जल्दी दूर हो जाएगी. 

सेक्स पर नहीं, फ़ोरप्ले पर फ़ोकस करें 
सेक्स का मतलब केवल इंटरकोर्स यानी पेनिट्रेटिव सेक्स ही नहीं होता. फ़ोरप्ले भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. तो आप जल्दबाज़ी करने से बचें और एक-दूसरे को समय दें. एक-दूसरे से सहज होने की कोशिश करें. इससे आप दोनों एक-दूजे को समझ सकेंगे. एक अलग तरह की बॉन्डिंग बनेगी. सबसे बड़ी बात सहज होने के बाद नर्वसनेस दूर होगी. जब आप नर्वस नहीं होंगे तो सेक्स का पहला अनुभव यक़ीनन यादगार बन जाएगा. 

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