मरीजों में नहीं दिख रहे कोरोना के लक्षण : स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के मामले भारत में लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कई प्रयासों के बाद भी कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम नहीं लग पा रही है. कई राज्यों में कोरोना संक्रमितों की हालत बेहद गंभीर है. वहीं राहत की बात है की कई राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

इसमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश आदि का नाम सबसे ऊपर है. इन राज्यों में 10 दिन से भी कम समय में कोरोना के मामलों की संख्यो दो गुनी रफ्तार से बढ़ती जा रही है.

इन राज्यों में लग रहे 20 दिन

कोरोना संक्रमण के फैलने की रफ्तार देशभर में एक जैसी नहीं है. कई राज्य ऐसे हैं जहां संक्रमण के दोगुणे मामले होने में 20 दिन या इससे कम का समय लग रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो दिल्ली में 8.5 दिन, कर्नाटक में 9.2 दिन, तेलंगामा में 9.4 दिन, आंध्रप्रदेश में 10.6 दिन, जम्मू कश्मीर में 11.5 दिन, पंदाब में 13.1 दिन, छत्तीसगढ़ में 13.3 दिन, तमिलनाडु में 14 दिन, बिहार में 16.4 दिन का समय मामले दोगुने होने में लग रहा है.

इसके अलावा अंडमान निकोबार में 20.1 दिन, हरियाणा में 21 दिन, हिमाचल प्रदेश में 24.5 दिन, चंडीगढ़ में 25.4 दिन, असम में 25.8 दिन, उत्तराखंड में 26.6 दिन, लद्दाख में 26.6 दिन का समय लग रहा है.

कोरोना मुक्त होने की कगार पर जिले

कोरोना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने जानकारी दी की जल्द ही देश में 6 और जिले कोरोना मुक्त हो जाएंगे. इसमें राजस्थान के पाली और दुंगरपुर, गुजरात का जामनगर और मोर्बी, नॉर्थ गोवा और गोवा में भी बीते 14 दिनों में कोई मामला देखने को नहीं मिला है. माही, कोडगू और पौड़ी जिले में भी कोरोना संक्रमण का कोई नया मामला बीते 28 दिनों में नही मिला है.

इतना ही नहीं गोवा ऐसा राज्य है जहां कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ हमारी इस जंग में देश के हर नागरिक का पूरा सहयोग शामिल है. बिना नागरिकों के सहयोग के लड़ाई जीतना संभव नहीं है.

मरीजों में नहीं दिख रहे लक्षण

अग्रवाल ने जानकारी दी की देश में 80% मरीज ऐसे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं मिल रहे. ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें मरीज में कोरोना के लक्षण दिखे ही नहीं. मगर जब उनकी जांच की गई तो वो पॉजिटिव पाए गए.

उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ 15% ऐसे मरीज हैं जिनमें कोरोना के स्पष्ट लक्षण दिखते हैं. लक्षण दिखने के बाद इन्हें अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी होता है. 5 प्रतिशत मरीज को गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है.

इस बीमारी को रोकने का सिर्फ एक ही उपाय है कि इसकी चेन को रोका और तोड़ा जा सके. इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों में रहे और जहां तक संभव हो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें.

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